कायनात पर हुकुमत और हुकम देना वाला और कायनात का हकीकी मालीक और बादशाह अल्लाह तआला ही है
कायनात पर हुकुमत और हुकम देना वाला और कायनात का हकीकी मालीक और बादशाह अल्लाह तआला ही है
१। वही अल्लाह है जिस के सिवा कोई इबादत के लायक नही, बादशाह-ए-हकीकी, हर एैब से पाक, सलामती देने वाला, इमान देने वाला, निगेहबान, गालीब, जबरदस्त बढाई वाला, अल्लाह मुशरीको के शिर्क से पाक है। (सुरे हशर (५९), आयत-२३)
२। हुकुम देना सिर्फ अल्लाह ही का हक है, इस का फरमान है के तुम सब इस के सिवा किसी और की इबादत ना करो, यही दिन दुरूस्त है लेकीन अक्सर लोग नही जानते (सुरे युसुफ (१२), आयत-४०)
३। क्या इन लोगो ने अल्लाह तआला के सिवा औरो को सिफारीश करने वाला मुकर्रर कर रखा है, तो कह दे के क्या उस सुरत में भी जब को वो किसी चिज के मालीक नही और ना ही कोई अकल रखता है? कह दे के तमाम सिफारीश का मुख्तार अल्लाह तआला ही है, आस्मान और जमीन की बादशाही उसी की है, फिर उस की तरफ तुम सब (मरने के बाद) लौट जाओगे। (सुरे जुमर (३९), आयत-४३,४४)
४। कौन है जो इस की जनाब मे इस की इजाûजत के बगैर सिफारीश कर सके (सुरे बकरा (२), आयत-२५५)
५। और वो अपने हुकुम मे किसी और को शरीक नही करता (सुरे कहफ (१८), आयत-२६)
६। और अल्लाह जैसा चाहता है हुकुम करता है कोई इस के हुकुम को र करने वाला नही (सुरे राअद (१३), आयत-४१)
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