फिरको में बटना कैसा है?
फिरको में बटना कैसा है?
१। बेशक जिन्हो ने अपने दिन में फिरके बनाए और गिरोह में बट गए आप (ﷺ) का उन से कोई तालुक नही है, उन का मामला अल्लाह के सुपुर्द है, फिर वो (अल्लाह तआला कयामत के दिन) उन (फिरकाबाजो को) उन के कर्तुत बता देगा। (सुरे अनाम (६), आयत-१५९)
२। और तुम सब मिल कर अल्लाह की रस्सी को मजबुती से थाम लो और आपस में फिरको में मत बटो (सुरे इमरान (३), आयत-१०३)
३। एै इमान वालो तुम उन लोगो की तरहा ना हो जाना जो फिरके फिरके बन गए और खुले दलीले आ जाने के बाद भी इख्तेलाफ पर रहे, एैसे लोगो के लिए बडा अûजाब है। (सुरे इमरान (३), आयत-१०५)
४। और (एै रसुल) आप का रब चाहता तो सब लोगो को एक जमाअत बना देता और वो हमेशा इख्तेलाफ मे रहेंगे। मगर जिस पर रब की रहेमत हो जाए (बस वही इख्तेलाफ से बच पाएगा) और उस ने तो इसलिए उन को पैदा किया है (की उन पर रहेम व करम करे लेकीन लोग इख्तेलाफ कर के अपने आप को रहेम की बजाए दोजख का मुस्तहीक बना लेते है तो एै रसुल ﷺ इस तरहा) आप के रब की वो बात पुरी हो कर रहेगी (जो वो पहेले ही कह चुका है) की वो जरूर दोजख को जिन्नात और इंसान से भर देगा। (सुरे हुद (११), आयत-११८-११९)
५। मुशरीको (में ना हो जाओ यानी) उन लोगो में से जिन्हो ने अपने दिन को तुकडे तुकडे कर डाला और फिरके फिरके हो गए, तमाम फिरके जो कुछ उन के पास है उस मे मगन है। (सुरे रूम (३०), आयत्ः३१-३२)
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