खुदकुशी करना कैसा है?
खुदकुशी करना कैसा है?
१। खुदकुशी करना हराम है।
२। हजरत अबु हुरेरा (रûजी) से रिवायत है के, हुजुर (ﷺ) ने फरमाया "जिस शख्स ने खुद को पहाड से गिरा कर हलाक किया तो वो दोजख मे जाएगा, हमेशा इस मे गिरता रहेगा और हमेशा हमेशा वही रहेगा। और जिस शख्स ने जहर खा कर अपने आप को खत्म किया तो वो जहर दोजख मे भी इस के हाथ मे होगा जिसे वो दोजख मे खाता होगा और हमेशा हमेशा वही रहेगा। और जिस शख्स ने अपने आप को लोहे के हथीयार से कत्ल किया तो वो हथीयार इस के हाथ मे होगा जिसे वो दोजख की आग मे हमेशा अपने पेट मे मारता रहेगा और हमेशा हमेशा वही रहेगा" (Sahih al-Bukhari १३६५ and Sahih Muslim-१०९)। इसी तरहा दुसरी रिवायत ये भी जीक्र है के "जो शख्स अपनी जान को फांसी के जरीए खतम करता है तो वो दोजख मे भी एैसा ही करता रहेगा।"
३। एक साहबी-ए-रसुल से रिवायत है के, हुजुर (ﷺ) ने फरमाया "तुम से पहेले लोगो मे से एक आदम जख्मी हो गया, इस ने बेकरार हो कर छुरी ली और अपना जख्मी हाथ काट डाला। जिस से इस का इतना खुन बहा के वो मर गया। अल्लाह तआला ने फरमाया : मेरे बंदे ने खुद फैसला कर के मेरे हुक्म पर सब्कत की है, लेहाजा मै ने इस पर जन्नत हराम कर दी" (Sahih Bukhaari, jihad#४/२९७, and Sahih Muslim (११३))
४। खुदकुशी करने वाले हमेशा दोजख मे रहेंगे और वहा भी खुदकुशी करते रहेंगे।
खुदकुशी करने वाला कितना ही बडा मुजाहीद (अल्लाह की राह मे जान देने वाला) क्यु ना हो वो हर गिज जन्नती नही हो सकता।
सफर का महिना कैसा है और इस महिने मे शादी करे या नही?
हमारे नबी-ए-करीम (ﷺ) के दौर में कुप‹फार में ये बात मशहुर थी के जब सफर का महिन आता है तो अपने साथ बेशुमार बलाए ले कर आता है, और ये मनहुस महिना है। जब नबी-ए-करीम (ﷺ) ने नबुवत का ऐलान किया और इस्लाम की तालीम को आम फरमाया तो आपने उन के खयालात को बिल्कुल गलत करार दिया। और इरशाद फरमाया "सफर कोई चिûज नही है" (Sahih al-Bukhari ५७०७)।
लेहाजा नबी-ए-करीम (ﷺ) ने बताया के सफर का महिने मनहुस महिना नही होता, ये महिना आम महिनो की तरहा है। इस्लाम में नहुसत वाली कोई चिûज नही होती। आपको झुदी हदिसे भी मिल जाएंगी के सफर के महिने मे बलाए नाजील होती। आप सफर के महिने में भी शादी कर सकते है जैसे के बाकी ११ महिनो में की जाती है। आप सोचिए, जो लोग सफर का महिना छोड कर दुसरे महिनो को बा-बरकत कहते है और इन महिनो मे शादी करते है, तो ये बताईये के शादीयो का क्या नतीजा निकल रहा है जो बा-बरकत महिनो मी की जा रही है।
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