या गौस, या ख्वाजा पुकारने वाले गौर करे

 

या गौस, या ख्वाजा पुकारने वाले गौर करे

बुजुर्गो को पुकारना शरीयत के खिलाफ तो है और अकल के भी खिलाफ है

१।    गौस और ख्वाजा अभी हयात नही है

२।    गौस और ख्वाजा मिलो दुर है और अपनी कबरो में है

३।    क्या वो इतनी दुर से पुकार सुन लेते है क्या?

४।    गौस और ख्वाजा को अगर दुनिया भर के लोग पुकारने लगे तो कोई हिंदी में पुकारेगा, कोई अंग्रेजी में, कोई स्पùनिश में, कोई तेलगु में, कोई बंगाली में, कोई कन्नड में।।।। तो सवाल ये है के क्या इन बुजुर्गो को पुरी दुनिया के जबानो का इल्म है क्या?

५।    मान लो सब दुनिया के लोग उन्हे पुकार रहे है। अब एक वक्त में इतने लोगो की पुकार एक साथ सुन सकते क्या?

६।    और सब की पुकार का जवाब एक साथ दे सकते क्या?

७।    कोई दिल में पुकार रहा है कोई बडी आवाज में। क्या वो दिल की पुकार सुन लेते क्या।

 

ये सिफते सिर्फ अल्लाह की है, इस्लीए बुजुर्ग परस्ती छोडो और आओ अल्लाह की तरफ।

नोटः ये बाते हर बुजुर्ग पर लागु होंगी।

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